ख़ुश्बू

ख़ुश्बू ...............बेटियाँ जन्नत की हूर हैं नजरों की नूर हैं -भ्रमर ५

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Sunday, 22 April 2012

देवी का प्रतिरूप है बिटिया

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फूल सी रहती सदा खिली सब की चाँद खिलौना बिटिया मुस्काती ही सदा मिली देवी का प्रतिरूप है बिटिया रचती जग को सदा  रही  आँ...
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SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR5
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