ख़ुश्बू

ख़ुश्बू ...............बेटियाँ जन्नत की हूर हैं नजरों की नूर हैं -भ्रमर ५

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Tuesday, 18 February 2014

शराबी

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माँ बहनों संग  घर  भर  पीना ऐश  भरे जीवन कल जीना आज कलह झगड़ा फसाद जड़ कुर्की जब्ती दिन में भी डर रोजगार रोटी शराब छिन गयी-आबरू दो...
Wednesday, 14 August 2013

अनेकता में एकता --अपना भारत

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अनेकता में एकता --अपना भारत प्रिय दोस्तों और  ..मेरे नन्हे मुन्ने मित्रों आप सब को भ्रमर की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक श...
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SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR5
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