ख़ुश्बू
ख़ुश्बू ...............बेटियाँ जन्नत की हूर हैं नजरों की नूर हैं -भ्रमर ५
Pages
(Move to ...)
Home
▼
Showing posts with label
samaj
.
Show all posts
Showing posts with label
samaj
.
Show all posts
Tuesday, 24 July 2012
बूढा पेड़
›
बूढा पेड़ झर-झर झरता ये पेड़ (महुआ का ) कितना मन-मोहक था रस टपकता था मिठास ही मिठास गाँव भर में ‘भीड़’ जुटती इसके तले ‘बड...
2 comments:
›
Home
View web version